Information about Churu चूरू के बारे मे जानकारी

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Information about Churu चूरू के बारे मे जानकारी

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churu-map
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 चूरू  की प्रशासनीक इकाईयां Prshasnik units of Churu

 Tehsil of Churu – 7 and Panchayat Samiti in Bikaner division it comes to -7

 Churu was built by the Jat Kaler Chuhru name. And they settled in the place where he is still known as Calera bass.

  चूरू  की तहसील – 7 तथा पंचायत समिति -7  ओर यह  बीकानेर संभाग मे आता है

 चूरू को चुहरू नाम के कालेर जाट ने बसाया था।  तथा वे जिस स्थान पर आकर बसे वह आज भी कालेरा बास के नाम से जाना जाता है।

 महत्वपूर्ण जानकारी Important Information

  Churu Revenue Board Ajmer District of Rajasthan is considered one of the 12 desert districts.

  Churu district of Rajasthan is the hot and cold. (Climate)

  Churu district of Rajasthan, which is the highest annual Tapantr.

  Note: no river flows in Churu district.

 Talchhapr Lake – This is a saltwater lake.

 चूरू राजस्व मंडल अजमेर द्वारा राजस्थान के 12 मरूस्थलीय जिलों में से एक जिला माना जाता है।

 चूरू  राजस्थान का सबसे गर्म व ठण्डा जिला है।(जलवायु)

 चूरू  राजस्थान का सर्वाधिक वार्षिक तापान्तर वाला जिला है।

 Note: चूरू जिले में कोई नदी नहीं बहती है।

 तालछापर झील – यह एक खारे पानी की झील है।

Churu Fort – Katur efficient Singh in 1739 AD. It was built. Gopinath temple in the fort is installed. (Churu Fort) in this fortress war (invasion) when finished Barud enemies ammunition shells on silver were

 चूरू का किला काठुर कुशल सिंह ने 1739 ई. में इसका निर्माण करवाया। इस किले में गोपीनाथ का मंदिर स्थापित है। (चूरू का किला)  ओर इस किले मे युद(आक्रमण) के समय गोला भारूद समाप्त होने पर दुश्मनो पर चाँदी के गोले छोड़े थे    

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 Vsrted spinning (woolen mill) Mill – located Jileme Churu.

वस्र्टेड स्पीनिं(ऊन का कारखाना) मिल – चूरू  जिलेमे स्थित है।

 

Ddrewa – it is the birthplace of Goga Ji. The fair is held on the ninth Bhadrapad Mass Krishna.

 ददरेवा – यह गोगा जी का जन्म स्थान है। यहां  पर भाद्रपद मास में कृष्णा नवमी को मेला लगता है।

ddrewa
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Salasar Balaji – Mohandas ji temple oversaw the installation. And this temple is the temple of Lord Hanuman’s mother Anjani Devi.

 Tirupati Balaji – Tirupati Balaji temple Sujangarh God Vankteshwar Vankteshwar foundation built by 1994.

 Gopalpura -isko Pandavas of the Mahabharata, and it was built by Guru Dronacharya Dronpur is also known by the name of the village.

 सालासर बालाजी इस मंदिर कि स्थापना मोहनदास जी ने करवाई थी। तथा इसी मंदिर के पास हनुमान जी की माता अंजनी देवी का मंदिर भी है।

 तिरूपति बालाजी – सुजानगढ़ में भगवान वैंकटेश्वर तिरूपति बालाजी का मंदिर 1994 में वैंकटेश्वर फाउन्डेशन ने करवाया।

 गोपालपुरा -इसको  महाभारत काल में  पांडवों के गुरू द्रोणाचार्य ने बसाया था तथा यह द्रोणपुर के गाव नाम से भी जाना जाता है।

The Sahwa Gurdwara – the Sikh Gurdwara Guru Nanak Taranagar the Sahwa and Gobind Singh ji is linked to the memory of coming and staying. Kartik Purnima mela here fills.

 साहवा का गुरूद्वारा – तारानगर के साहवा का यह सिक्ख गुरूद्वारा गुरूनानक देव जी तथा गोविन्द सिंह जी के आने व रहने की स्मृति से जुड़ा हुआ है। कार्तिक मास की पूर्णिमा को यहां मेला भरता है।

gurudwara-of-sahwa
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 Sarva Dharma Stupa -isko religion harmony is considered response. And is constructed of red sandstone. Inside the stupa of Lord Krishna, Mahavira, Buddha, Guru Nanak, Jagdamba and sculptures etc. Sankaracharya is engaged.

धर्म स्तूप -इसको सर्व धर्म सद्भाव का प्रतिक माना जाता है। तथा इसका निर्माण लाल पत्थरों से हुआ है। ओर  स्तुप के अन्दर भगवान कृष्ण, महावीर, बुद्ध गुरू नानक, जगदम्बा और शंकराचार्य आदि  की मूर्तियां लगी  हुई है।

Talchhapr – Sujangarh Talchhapr the black deer and wild life sanctuary is considered Kurnja bird refuge. The sanctuary and the rainy season occurs Mocia Saispras Rotnds the soft grass.

 तालछापर – सुजानगढ़ में स्थित तालछापर वन्य जीव अभ्यारण्य काले हिरणों और कुरंजा पक्षी की शरण स्थली माना जाता है। तथा  वर्षा ऋतु में इस अभ्यारण्य में मोचिया साइसप्रस रोटन्डस नामक नर्म घास उत्पन्न होती है।

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