Which river is said to be the mourning of Bihar

Description

Koshi River (River in Asia)

The Kosi river (Kosi in Nepali) emerges from the Himalayas in Nepal and enters India via Bhim Nagar in Bihar. There is a lot of devastation in Bihar due to the flood which is called this river 'Curse of Bihar'.

कोसी नदी (नेपाली में कोशी) नेपाल में हिमालय से निकलती है और बिहार में भीम नगर के रास्ते से भारत में दाखिल होती है। इसमें आने वाली बाढ से बिहार मेंबहुत तबाही होती है जिससे इस नदी को 'बिहार का अभिशाप' कहा जाता है।

If you look at its geographical nature, it will know that it has expanded 120 km in the last 250 years. This river, which brings with it the high levels of depression (sand, pebbles) along with the high hills of the Himalayas, is continuously expanding its area. Taking the plains of northern Bihar, this river makes the whole area fertile.

इसके भौगोलिक स्वरूप को देखें तो पता चलेगा कि पिछले 250 वर्षों में 120 किमी का विस्तार कर चुकी है। हिमालय की ऊँची पहाड़ियों से तरह तरह से अवसाद (बालू, कंकड़-पत्थर) अपने साथ लाती हुई ये नदी निरंतर अपने क्षेत्र फैलाती जा रही है। उत्तरी बिहार के मैदानी इलाकों को तरती ये नदी पूरा क्षेत्र उपजाऊ बनाती है।

A dam was built on the Kosi river between 1958 and 1962. This dam is located in Nepal near the Indo-Nepal border. In it, there are 52 gates to control the flow of water, which are administered by the Indian authorities. A little further (below) of this dam India has made the walls in the Indian border

कोसी नदी पर सन 1958 एवं 1962 के बीच एक बाँध बनाया गया। यह बाँध भारत-नेपाल सीमा के पास नेपाल में स्थित है। इसमें पानी के बहाव के नियंत्रण के लिये 52 द्वार बने हैं जिन्हें नियंत्रित करने का कार्य भारत के अधिकारी करते हैं। इस बाँध के थोड़ा आगे (नीचे) भारतीय सीमा में भारत ने तटबन्ध बनाये हैं

Length: = 729 km

Basin area74,500 km²

Discharge: = 2,166 m³/s

MouthGanges

Sources = Arun River, China-Nepal, Tamur River, Sun Kosi

Cities:= Purnia, Katihar, Biratnagar

 

Countries:= India, Nepal