Fundamental rights (Article 12 to Article 35) Part-3मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12 से अनुच्छेद 35 तक) भाग -3

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Fundamental rights (Article 12 to Article 35) Part-3मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12 से अनुच्छेद 35 तक) भाग -3

Fundamental rights mean those rights which are essential for the development of individuals, they are provided by the state or society. UN conservation arrangements that the December 10, 1948 announced the global Manwadikaro World Human Rights Day is observed every year on December 10.

मौलिक अधिकारों से तात्पर्य वे अधिकार जो व्यक्तियों के विकास के लिए आवश्यक होते है इन्हें राज्य या समाज से प्रदान किया जाता है। ओर इनके संरक्षण कि व्यवस्था की गयी है।संयुक्त राष्ट्र संघ ने 10 दिसम्बर 1948 को वैश्विक मानवाधिकारो की घोषणा की गई इसलिए हर साल 10 दिसम्बर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।

 

7 fundamental rights in the Constitution is described.(भारतीय संविधान में 7 मौलिक अधिकारों का वर्णन मिलता है।)

(1)समानता का अधिकारा – Article 14 से 18 तक

(2)स्वतंन्त्रता का अधिकार Article 19 से 22 तक

(3)शोषण के विरूद्ध अधिकार – Article = 23 व 24

(4)धार्मिक स्वतंन्त्रता का अधिकार – Article =  25 से 28 तक

(5)शिक्षा एवम् संस्कृति का अधिकार – Article =  29 और 30

(6)सम्पति का अधिकार – Article =  31

(7)सवैधानिक उपचारो का अधिकार – Article = 32

 

Article =  12 The definition of state is described.-( 12 राज्य की परिभाषा का  वर्णन मिलता है।)

Article = – 13 normal state of fundamental rights (encroachment) not to Bnaaenga methods. (13 राज्य मौलिक अधिकारों का न्युन(अतिक्रमण) करने विधियों को नहीं बनाऐंगा।)

The 44th Amendment to the Constitution (Amendment) 1978 “the fundamental right of property” moved from the category “general legal right” by Article 300 (a) was added.

44 वें संविधान संशोधन(Amendment) 1978  “सम्पति के मौलिक अधिकार” को इस श्रेणी से हटाकर “सामान्य विधिक अधिकार” बनाकर Article 300(क)’ में जोड़ा गया है।

Note Currently a number of fundamental rights is described 6.वर्तमान में मौलिक अधिकारों की संख्या 6 का वर्णन मिलता है।

(1)Right to equality Article = 14 18 (समानता का अधिकार- Article = 14 से 18)

Article = 14 right-hand side of this equality to the manner and method of the same protection to the UK from the US  14 विधी के समक्ष समानता अधिकार  ओर इसको ब्रिटेन से तथा विधि का समान सरंक्षण अमेरिका से लिया

Article = 15 in the state with a religious character gender, age and place of residence shall not discriminate against. Anyone logging on to hold a public sites Orrajy exerts no limitations

Article 15 राज्य मे किसी के साथ धर्म लिंग वर्ण, आयु और निवास स्थान के समक्ष भेदभाव नहीं करेगा। ओरराज्य किसी को सर्वाजनिक स्थलों पर प्रवेश से पाबन्दियां नहीं लगायेगा।

 

Article = 15 (3) states that the special feature can provide for her and the children. 15(3) राज्य किसी महीला और बालकों को विशेष सुविधा उपलब्ध करवा सकता है।

 

Article = 16 equality of opportunity in public employment (the provision of reservation in government jobs) 16 लोक नियोजन में अवसर की समानता(सरकारी नौकरीयों में आरक्षण का प्रावधान)

 

Article = 16 (1) in the state with any race, religion, gender, age and place of residence, based on characters and shall not discriminate in providing jobs but the inhabitants of the small jobs in a province may provide protection by law.

16(1) राज्य मे किसी के साथ जाति, धर्म, लिंग वर्ण और आयु और निवास स्थान के आधार पर नौकरी प्रदान करने में भेदभाव नहीं करेगा लेकिन राज्य किसी प्रान्त के निवासियो को छोटी नौकरीयों में कानुन बनाकर संरक्षण प्रदान कर सकता है।

Article = 16(4) के अन्तर्गत राज्य पिछडे वर्ग के नागरिको को विशेष संरक्षण प्रदान कर सकता है।इसमें भुमिपुत्र का सिद्धान्त दिया गया है।

Article = 17 अस्पृश्यता/छुआ छुत का अन्त – भारतीय संसद ने अस्पृश्यता निशेध अधिनियम 1955 बनाकर इसे दण्डनिय अपराध घाषित किया है।

Article = 18 titles have been abolished except for the military and the educational sector will not provide title (currently Social Service canyon.Are added) Kupadi former citizens and foreign persons from accepting the President’s permission is required.

18 उपाधियों का अन्त किया गया है राज्य सैन्य और शैक्षिक क्षेत्र के अलावा उपाधि प्रदान नहीं करेगा(वर्तमान में समाज सेवा केा जोड़ा गया) ।उपाधि ग्रहण करने से पुर्व देश के नागरिक तथा विदेशी व्यक्तियों को राष्ट्रपति की अनुमति लेना आवश्यक होती है।

 

(2)Freedom Adikar- Article = 19 to 22 (स्वतन्त्रता का अधिकर- Article =  19 से 22 तक)

Article = 19 में सात प्रकार की स्वतंन्त्रता दी गई थी 44 वें संविधान संशोधन 1978(सम्पति अर्जित की स्वतन्त्रता हटा दिया गया है। )

Article = 19(1)(क) – भाषण या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता,- प्रैस और मिडिया की स्वतंन्त्रता,- सुचना प्राप्त करने का अधिकार – 12 अक्टूबर 2005 से जोड़ा गया है।

Article =  19(1)(ख) – शान्ति पूर्वक बिना अस्त्र-शस्त्र (Armor)के सम्मेलन करने की स्वतन्त्रता।

अपवाद – (exception)  सिखों को कटार धारण करने का अधिकार।

Article =  19(1)(ग) – संघ या संगम (confluence)बनाने की स्वतंन्त्रता।

अपवाद – (exception) सैन्य संगठन और पुलिस बल संघ नहीं बना सकते है।

Article = 19(1)(घ) – बिना बाधा के घुमने – फिरने की स्वतंन्त्रता ।

Article =  19(1)(ड़) -व्यापार या आजिविका कमाने की स्वतन्त्रता।

Article =  19(1)(च) – सम्पति अर्जन की स्वतन्त्रता(हटा दिया)

Article =  19(1)(छ) – स्थायी रूप से निवास करने की स्वतन्त्रता।

अपवाद – (exception) जम्मू – कश्मीर।

Article = – 20 अपराधों के दोषसिद्ध के सम्बन्ध में सरंक्षण प्राप्त करने का अधिकार।

Article =  20(1) किसी व्यक्ति को तब तक अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जाता है जब तक लागु कानुन का उल्लगन न किया हो।

Article =  20(2) किसी व्यक्ति के लिए एक अपराध के लिए दण्डित किया जा सकता है।

Article =  20(3) किसी व्यक्ति को स्वंय के विरूद्ध गवाही देने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।

Article =  20 और 21 आपातकाल में निलम्बित नहीं किया जाता।

Article = 21 प्राण एवं दैहिक स्वतन्त्रता का अधिकार।

Article =  21(क) 86 वां संविधान संशोधन 2002, 6-14 वर्ष के बालकों (Children)को निशुल्क् अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार।

 

(3)Education Act 2009, implemented April 1, 2010 Sampuarn India. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, 1 अप्रैल 2010 से सम्पुर्ण भारत में लागु।

Article = 22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से संरक्षण प्राप्त करने का अधिकार, इसमें निवारक (Preventive),निरोधक विधि भी शामिल है।

Article =  22(1) गिरफ्तार किये गये व्यक्ति(person) को उसके कारण बताने होंगे।

Article = 22(2) उसे वकील से परामर्श प्राप्त करने का अधिकार।

Article = 22(3) 24 घंटे में सबंधित न्यायलय में पेश करना होगा – यात्रा व अवकाश का समय शामिल नहीं।

निवारक निरोध विधि के अन्तर्गत – शत्रु देश के नागरिक को गिरफ्तार किया जाता है या ऐसी आशंका ग्रस्त व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जाता है इन्हें उपर के सामान्य (22(1),(2),(3)) अधिकार प्राप्त नहीं है।

 

(4)Article 23 and Article 24 rights against exploitation (शोषण के विरूद्ध अधिकार-अनुच्छेद 23 से अनुच्छेद 24)

Article =  -23 The human trafficking, slavery, and forced labor practices have been totally banned. Exception – the state could implement a compulsory labor for public purposes.

23 इसमें मानव का अवैध व्यापार, दास प्रथा, तथा बेगार प्रथा को पूर्णतय प्रतिबन्धित किया गया है। अपवाद – राज्य किसी सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अनिवार्य श्रम लागू कर सकता है।

Article = 24 14 वर्ष से कम आयु के बालकों को उद्योग धन्धों में काम पर नहीं लगाया जाता है। अर्थात् बाल श्रम प्रतिबन्धित किया गया है।

Note :Currently the age of children in domestic work can not be imposed. वर्तमान में ऐसी आयु के बालको को घरेलु कार्यो में भी नहीं लगाया जा सकता है।

 

(5)The right to religious freedom – Article = 25 28 (धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार – Article =  25 से 28)

Article =  – 25 अन्तकरण के आधार पर धर्म को मानने की स्वतन्त्रता ।

Article = 26 माने गये धर्म के प्रबंधन करने की स्वतन्त्रता(प्रबन्धन- चल और अचल सम्पति का)।

Article = 27 राज्य किसी धर्म की अभिवृदि पर धार्मिक आधार पर कोई कर नहीं लगायेगा।

Article – 28 The religious instruction in state-funded schools can be. But, any configuration (Trust) established by religious education in schools can be granted under certain provisions. But not everyone can be bound.

Article- 28 सरकारी वित्त पोषित विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा नहीं दि जा सकती है। लकिन किसी विन्यास(ट्रस्ट)  स्थापित विद्यालय में कुछ प्रावधानों के अन्तर्गत धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है। लेकिन इसमें सभी को बाध्य नहीं किया जा सकता है।

 

(6)Right to education and culture-a Article = 29 to 30 (शिक्षा और संस्कृति का अधिकार-अ Article =  29 से 30)

Note This right is particularly the minority groups.यह अधिकार विशेष रूप अल्पसंख्यक वर्गो को प्राप्त है।

Article = 29 राज्य के अन्तर्गत रहने वाला प्रत्येक नागरिक को अपनी भाषा, लिपी और संस्कृति को सुरक्षित और संरक्षित करने का अधिकार है।

Article = 30 भाषा,लिपी और संस्कृति की सुरक्षा हेतु सभी अल्पसंख्यक वर्गो को अपनी पसन्द की शिक्षण संस्थान की स्थापना करने का अधिकार है ऐसी संस्थाओं में प्रवेश से वंचित नहीं किया जायेगा।

Note : संवैधनिक उपचारों का अधिकार-Article – 32 को डा. अम्बेडकर ने इसे संविधान की आत्मा कहा है।

मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु 5 प्रकार कि रिटे जारी करता है ताकि मौलिक अधिकारों को उचित संरक्षण प्रदान किया जा सके।

बन्दी प्रत्यक्षीकरण -(Habeas corpus)

परमादेश – मैण्डमस(Mandamus – Mandms)

प्रतिषेध – प्रोहिविजन(Prohibition – Prohivijn)

उत्प्रेषण – सैरिसिरियो(Certiorari – Sarisirio)

अधिकार पृच्छा – क्यू वारेन्टो(Query rights – Q Warento)

Note: The waterfall is called Reto justice. इन रिटो को न्याय का झरना कहा जाता है।

(1)बन्दी प्रत्यक्षीकरण –(Habeas corpus)  यह नागरिक अधिकारों की सर्वोत्तम रिट है। बंदी बनाये गये व्यक्ति को 24 घण्टे में न्यायलय बंदी बनाये गये कारणों की समीक्षा करता है।

(2)परमादेश (Mandamus – Mandms) – किसी सार्वजनिक पदाधिकारी द्वारा गलत आदेश दिया जाता है तो इसके कारणों की समीक्षा न्यायलय करता है।

(3)प्रतिषेध(Prohibition – Prohivijn)मना करना – सर्वोच्च न्यायलय अपने अधिनस्थ न्यायलय को सीमा से बाहर जाकर कार्य करने को मना करता है

(4)उत्प्रेषण(Certiorari – Sarisirio) ओर अधिक सुचित करना- सर्वोच्च न्यायलय अपने अधिनस्थ न्यायलय से और अधिक सुचना मांगता है।

(5)अधिकार पृच्छा(Query rights) – किसी अधिकार से किसी सार्वजनिक पदाधिकारी द्वारा जब कोई पद वैद्य या अवैद्य तरीके से प्राप्त किया जाता है तो उसके कारणों की समीक्षा करता है।

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