Rajasthan chief insigniaराजस्थान के प्रमुख प्रतीक चिन्ह

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Rajasthan chief insigniaराजस्थान के प्रमुख प्रतीक चिन्ह

State tree – Prosopis cineraria (राज्य वृक्षखेजड़ी)

Prosopis cineraria of Rajasthan, teak, the pride of the desert, towards Thar Kalpavriksha “Prosopis cineraria and names are known to the state tree in 1983 was declared. The scientific name Prosopis cineraria” Sinereria Prosesip-is “. On the tree of Prosopis cineraria over the Shekhawati region is found in Nagaur worship Vijayasmi / Dussehra is on 2 different names it is known by Exampal Janty, Dokdha, “Shami, etc. in Banna-Bunny. It Selestrena (worm) and Glaikotrama (fungus) called two Kide is damage. Kejdi side of green beans, Sangri, happy khokha legume, and leaves made from sorghum Lung / Lum is called. Kejdli in Jodhpur September 12 each year is celebrated as the Day.

खेजड़ी  को राजस्थान का सागवान ,रेगिस्तान का गौरव, ओर ,थार का कल्पवृक्ष” आदि नामो से जाना जाता है ओर खेजड़ी को 1983 में राज्य वृक्ष घोषित किया गया था । खेजड़ी का वैज्ञानिक नाम “प्रोसेसिप-सिनेरेरिया” है।  ओर खेजड़ी के वृक्ष सबसे अधिक शेखावटी क्षेत्र ओर नागौर मे पाए जाते है इसकी पूजा विजयाशमी/दशहरे पर की जाती है  इसको अलग 2 नामो से जाना जाता है जेसे जांटी, धोकड़ा, ‘शमी, में बन्ना-बन्नी आदि। इसको सेलेस्ट्रेना(कीड़ा) व ग्लाइकोट्रमा(कवक) नामक दो किड़े नुकसान पहुँचाते है। ओर खेजडी की हरी फली-सांगरी, सुखी फली- खोखा, व पत्तियों से बना चारा लुंग/लुम कहलाता है। जोधपुर मे 12 सितम्बर को प्रत्येक वर्ष खेजड़ली दिवस के रूप में मनाया जाता है।

(1)State Flower – Rohida राज्य पुष्परोहिडा का फुल

 Rohida in 1983 was declared the state flower. This “Mrusoba” or “desert of the teak” is called. Rohida scientific name- “Tico-Fair Anduleta is”. Rohidha western region of Rajasthan found that most of the tree’s flowers Krohideh these flowers bloom in the month of March-April Hirmic dark saffron-yellow. The vaccine known as Marwar Jodhpur is the Rohide.

 रोहिडा के फुल को 1983 में राज्य पुष्प घोषित किया गया था ।  इसे “मरूशोभा” या “रेगिस्थान का सागवान” भी कहा जाता है। रोहिडा का वैज्ञानिक नाम- “टिको-मेला अंडुलेटा” है। रोहिड़ा के वृक्ष सबसे अधिक  राजस्थान के पष्चिमी क्षेत्र पाए जाते है ।रोहिडे़ के फ़ूल मार्च-अप्रैल के महिने मे खिलते है।इन पुष्पों का रंग गहरा केसरिया-हीरमीच पीला होता है।ओर जोधपुर में रोहिड़े को मारवाड़ का टीका के नाम से जाना जाता है।

(2)State Animal – Blackbuck, camel(राज्य पशुचिंकारा, ऊँट)

Blackbuck Blackbuck in 1981 was declared the state animal “Antilop” species is a key organism. The scientific name is CHINKARA Gajaila-Gajaila. Blackbuck goes by the nickname of the little deer sanctuary Nahargarh in Jaipur famous for Hakcikaron Hakrajsthan state animal “Blackbuck” most “desert” portion is found.

चिंकारा को 1981 में राज्य पशु घोषित किया गया था  चिंकारा “एन्टीलोप” प्रजाती का एक मुख्य जीव है। चिंकारा का वैज्ञानिक नाम गजैला-गजैला है। ओर चिंकारा  को छोटा हरिण के उपनाम से भी जाना जाता है।चिकारों के लिए नाहरगढ़ अभ्यारण्य जयपुर का प्रसिद्ध है।राजस्थान का राज्य पशु ‘चिंकारा’ सर्वाधिक ‘मरू भाग’ में पाया जाता है।

Note “चिकारा” नाम से राजस्थान में एक तत् वाद्य यंत्र भी है।

Rajypshu Oot- Rajasthan was declared in 2014 as a protected category and the camel domestic animal Blackbuck is considered as protected as non-domestic animal.

ऊँट- राजस्थान को राज्यपशु2014 में घोषित गया था ओर ऊँट डोमेस्टिक एनिमल के रूप में संरक्षित श्रेणी में और चिंकारा नॉन डोमेस्टिक एनिमल के रूप में संरक्षित श्रेणी में रखा जाएगा।

(3)State bird – Great Indian Bustard (राज्य पक्षीगोडावण)

Great Indian Bustard in 1981 was declared as the state bird. Great Indian Bustard is called the Great Indian Bustard. This bird is shy and sail-Mordi and Sun-bird dyed Kukna, Tukdr, also known by the name of big Tilor. Great Indian Bustard scientific name “Naigriseps Kroriontis-is”.

 गोडावण को 1981 में  राज्य पक्षी के तौर पर घोषित किया गया था । गोडावण को ग्रेट इंडियन बस्टर्ड  भी कहा जाता है। यह शर्मिला पक्षी है और इसे पाल-मोरडी व सौन-चिडिया सारंग, कुकना, तुकदर, बडा तिलोर के नाम से भी जाना जाता है। गोडावण वैज्ञानिक नाम “क्रोरियोंटिस-नाइग्रीसेप्स” है।

Note = गोडावण पक्षी को राजस्थान  के तीन जिलों में सर्वाधिक देखा जा सकता है।

मरूउधान- जैसलमेर, बाड़मेर जिलों में

सोरसन- बांरा

सोकंलिया- अजमेर

गोडावण के प्रजनन के लिए जोधपुर जंतुआलय में सर्वाधिक प्रसिद्ध है।

(4)राज्य गीत -“केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश।

Come Balam saffron Ni Pdharo Mhare country song This song was originally sung by Udaipur sought at international level, was sung by Bai Bikaner District of Allah. The state is also known as Bai Mrukokila Alla County. Singing this song is sung in the universe.

 केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश गीत को सर्वप्रथम उदयपुर की मांगी ने गाया था ।इस गीत को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर की अल्ला जिल्ला बाई ने गाया था । अल्ला जिल्ला बाई को राज्य की मरूकोकिला भी कहते है। इस गीत को मांड गायिकी में गाया जाता है।

(5)Rajasthan state dance – Gumr (राजस्थान का राज्य नृत्यघुमर)

Dhumr (dances done by women only) – the dances Gumr Sirmour (crown) is called the spirit of Rajasthani dances

 धूमर (केवल महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य) – घुमर को नृत्यों का सिरमौर (मुकुट) राजस्थानी नृत्यों की आत्मा कहा जाता है।

(6)The classical dance – Kathak (राज्य शास्त्रीय नृत्यकत्थक)

Major classical dance Kathak dance of northern India. Classical dance is the main house in India, Lucknow and Jaipur in Rajasthan. Maharaj Kathak classical dance is considered the father of Bhanu.

 शास्त्रीय नृत्य कत्थक उत्तरी भारत का प्रमुख नृत्य है। शास्त्रीय नृत्य मुख्य घराना भारत में लखनऊ है तथा राजस्थान में जयपुर है। शास्त्रीय नृत्य कत्थक के जन्मदाता भानू जी महाराज को माना जाता है।

(7)राजस्थान का राज्य खेलबास्केट बॉल

बास्केट बॉल को राज्य खेल का दर्जा 1948 में दिया गया था ।

More click Here:Rajasthan’s Premier Division Systemराजस्थान के प्रमुख संभाग व्यवस्था

Great Indian bustars
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rajasthan state dance gumar
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state animal-camal
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