Rajasthan Chief manner -riwaj राजस्थान के प्रमुख रीति -रिवाज

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Rajasthan Chief manner -riwaj

Rajasthan Chief manner -riwaj राजस्थान के प्रमुख रीति -रिवाज

(1)गर्भाधान के प्रमुख रीति -रिवाज (riwaj Prominent manner of conceptio)

(a) RITE Punsvn Son Intention पुंसवन संस्कार- पुत्र प्राप्ति हेतू

(b) Simntounnyn- mother and baby Grbrth invariable forces to defend. सिमन्तोउन्नयन- माता व गर्भरथ शिशु की अविकारी शक्तियों से रक्षा करने के लिए।

(c)  Jatkarm rites जातकर्म संस्कार

(d) the naming ceremony नामकरण संस्कार 

(e) Nishkarmnsnskar – infant after birth for the first time to carry out. निष्कर्मणसंस्कार – शिशु को जन्म के बाद पहली बार घर से बाहर ले जाने के लिए।

(f) Annprasann RITE first grain feeding (baby) अन्नप्रसान्न संस्कार- पहली बार अन्न खिलाने पर (बच्चे को)

(g) dula / Chudakarm rites – 2 or 3 years after the first case on land जडुला/ चुडाकर्म संस्कार  – 2 या 3 वर्ष बाद प्रथम बार केस उतारने पर

(h)  Karnbedn rites कर्णभेदन संस्कार

(i) RITE Upanayana Guru is referred to. उपनयन संस्कार- गुरू के पास भेजा जाता है।

(j)  Vedarmb ritual – to start the study of the Vedas वेदारम्भ संस्कार  – वेदों का अध्ययन शुरू करने पर

(k)  Gudan rite – entered the hermitage Brharchary गौदान संस्कार – ब्रहा्रचार्य आश्रम में प्रवेश

(l)Samavartana rite – Learning End  समावर्तन संस्कार – शिक्षा समाप्ति पर

(m)  related to marriage – the householder ashram विवाह संस्कार – गृहस्थ आश्रम में प्रवेश

(n)  final RITE funeral अन्तिम संस्कार- अत्येष्टि

(2)विवाह के संस्कार के प्रमुख रीति -रिवाज (Head of the sacrament of marriage customs -riwaj)

(a) The engagement ceremony सगाई रस्म

(b) vaccine ceremony  टीका रस्म

(c)  Lgnptrika ceremony लग्नपत्रिका रस्म

(d)  Ganesh puja / worship ritual Hldayt गणेश पूजन/ हलदायत की पूजा रस्म

Marriage 3 days, 5 days, 7 days, 9 days, the former party and the bridal party bridesmaid ascendant magazine after delivering the respective homes Ganesh worship the groom and the bride drink ghee. Ban says it is situate. The house has four wives (Acarian) (whose parents are alive, the groom and the bride is Cdhati Piti. Cchancli later a woman whose parents and in-laws live) is Cdhati Piti. Lgdn women later picks.विवाह के 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन, 9 दिन, पूर्व लग्न पत्रिका पहुंचाने के बाद वर पक्ष एवं वधू पक्ष ही अपने- अपने घरों में गणेश पूजन कर वर और वधू घी पिलाते है। इसे बाण बैठाना कहते है। ओर घर की चार स्त्रियां (अचारियां) (जिसके माता-पिता जीवित हो वर व वधू को पीठी चढ़ाती है। बाद में एक चचांचली स्त्री जिसके माता-पिता एवं सास-ससुर जीवित हो) पीठी चढ़ाती है। बाद में स्त्रियां लगधण लेती है।

(e) बिन्दोंरी/ बन्दोली की रस्म

(f)  सामेला/ मधुपर्क की रस्म 

(g)  ढुकाव की रस्म

(h)  तौरण मारना की रस्म 

(i)  पहरावणी/ रंगबरी (दहेज) की रस्म 

(j)  बरी पड़ला (वधू के लिए वर पक्ष द्वारा परिधान भेजना) की रस्म 

(k)  मुकलावा/ गैना की रस्म 

(l) बढ़ार की रस्म

(m)  कांकण डोरडा/ कांकण बंधन- बन्दोली के दिन वर और वधू के दाहिने हाथ और पांव में कांकण डोरा बांधा जाता है।

(n)  मांडा झाकणा की रस्म 

(o)  कोथला (छुछक) की रस्म

(p)  जान चढ़ना/ निकासी की रस्म

(q)  सास द्वारा दही देना की रस्म

(r)  मंडप (चवंरी) छाना  की रस्म

(s)  पाणिग्रहण/ हथलेवा जोड़ना की रस्म

Note:Xavnwar ritual – before the first Jetnwar Panigrhn the “Kanwari Zimn of life” is called. The feast day “of life parani Zimn” called. Evening meal “” buddy lives Jmin “is called. The fourth is called Muklani banquet

जेवनवार की रस्म – पहला जेतनवार पाणिग्रहण से पूर्व होता है, जिसे “कंवारी जान का जीमण” कहते है। दूसरे दिन का भोज ” परणी जान का जीमण” कहलाता है। शाम का भोजन” “बडी जान का जमीण” कहलाता है। चैथा भोज मुकलानी कहलाता है।

Note:House-/ Nangal ritual – the groom’s sister or aunt (Swasnian) enter the house to take and give some alms. This “Barna Rakna” says. Bride from her parental comes his younger brother or a close relative. He called Olnda or Olndi.

गृहप्रवेश/ नांगल  की रस्म – वर की बहन या बुआ (सवासणियां) कुछ दक्षिणा लेकर उन्हें घर में प्रवेश होने देती है। इसे “बारणा राकना ” कहते है। वधू के साथ उसके पीहर से उसका छोटा भाई या कोई निकट संबंधी आता है। वह ओलन्दा या ओलन्दी कहलाती है।

(t)  Rati wake ceremony राति जगा की रस्म

(s) of worship ritual scree  रोड़ी पूजन की रस्म

(u) teeth Nutna / rice Nutna ceremony बत्तीसी नूतना/भात नूतना की रस्म

(v)  Myra / rice filling ceremony मायरा/ भात भरना की रस्म

(3) मृत्यु से संबंधित संस्कार के प्रमुख रीति -रिवाज (Head of the manner of death rites -riwaj)

(a) Bier Bakunti बैकुण्ठी- अर्थी

(b) Bker- screw bolt, Ptasa, cotton, peanuts, Rs. Money and grain etc  बखेर- खील, पतासा, रूई, मूंगफली, रू. पैसे व अनाज आदि

(c) to change the direction of Adeta- bier.  आधेठा- अर्थी का दिश परिवर्तन करना।

(d)  funeral अत्येष्टि

(e)  Lupa / Lanpa- fire that burns the dead. लौपा/ लांपा- आग जो मृतक को जलाती है।

(f)  to lit मुखाग्नि देना

(g)  the cranial activity कपाल क्रिया

(h)After the funeral Santrvada- people to wash the deceased person is not here to console. This ritual lasts for 12 days.

 सांतरवाडा- अन्त्येष्टि के पश्चात् लोग नहा-धोकर मृतक व्यक्ति के यहां सांत्वना देने जाते है। यह रस्म 12 दिन तक चलती है।

(i)  three days after the funeral flowers Cunna-. फूल चूनना- अन्त्येष्टि के तीन दिन बाद।

(j)Moser / heifer / Nukta- twelfth day feast is the practice of death. मोसर/ ओसर/ नुक्ता- बारहवें दिन मृत्यु भोज की प्रथा है।

(k) Bdne turban ceremony पगड़ी बधने की  रस्म

 

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