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Commonwealth games history
कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games / राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत साल 1930 में हुई थी। यह खेल हर 4 साल में एक बार आयोजित किए जाते हैं .पहला आयोजन (1930): सबसे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स कनाडा के हैमिल्टन शहर में खेले गए थे, तब इसे ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स’ कहा जाता था
शुरुआती दौर में इसमें केवल ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन रहे या उससे जुड़े देशों ने हिस्सा लिया था। समय के साथ प्रतियोगिता का दायरा बढ़ता गया और आज यह कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा खेल महाकुंभ बन चुका है। राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन सामान्यतः हर चार साल में होता है। हालांकि, 1942 और 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इन खेलों का आयोजन नहीं हो पाया था।
Commonwealth games timeline
कॉमनवेल्थ गेम्स ताजा (2026): हाल ही में 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक कॉमनवेल्थ गेम्स का 23वां संस्करण ग्लास्गो, स्कॉटलैंड में आयोजित किया गया है।
भारत में आयोजन (2010): भारत ने साल 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी
ग्लास्गो 2026 खेलों में भारत का प्रदर्शन और मेडल लिस्ट ?
इस बार भारत ने सीमित खेलों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया और मेडल तालिका में चौथा (4th) स्थान हासिल किया
भारत की मेडल टैली
गोल्ड (Gold): 13, सिल्वर (Silver): 17, ब्रॉन्ज (Bronze): 9, कुल मेडल (Total): 39
बॉक्सिंग (Boxing): भारत के लिए सबसे सफल खेल रहा, जिसमें भारत ने रिकॉर्ड 7 गोल्ड समेत कुल 10 मेडल जीते।जूडो (Judo): भारत ने जूडो के इतिहास में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता और कुल 3 मेडल अपने नाम किए।मीराबाई चानू (Mirabai Chanu): इन्होंने लगातार तीसरा सीडब्ल्यूजी (CWG) गोल्ड मेडल जीता।क्लोजिंग सेरेमनी: मुक्केबाज जास्मिन लेम्बोरिया भारतीय दल की ध्वजवाहक बनीं
ग्लास्गो 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट (India’s Gold Medalists)
ग्लास्गो 2026 में भारतीय एथलीटों ने कुल 13 गोल्ड मेडल जीते। इनमें से मुख्य स्वर्ण पदक विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं
मुक्केबाजी (Boxing – रिकॉर्ड 7 गोल्ड मेडल):प्रिया घणघस (Priya Ghanghas): महिलाओं की 60kg कैटेगरी में कनाडा की मुक्केबाज को हराकर गोल्ड जीता।
अरूंधति चौधरी (Arundhati Choudhary): महिलाओं की 70kg कैटेगरी में इंग्लैंड की खिलाड़ी को मात देकर गोल्ड अपने नाम किया।
प्रीति पवार (Preeti Pawar): विमेंस बैंटमवेट डिवीजन में शानदार शुरुआत करते हुए गोल्ड हासिल किया।(इसके अलावा कुल 7 मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीतकर बॉक्सिंग में भारत का दबदबा बनाया)।
भारोत्तोलन (Weightlifting):मीराबाई चानू (Mirabai Chanu): इन्होंने इतिहास रचते हुए लगातार अपना तीसरा राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक (CWG Gold) जीता।
जूडो (Judo – ऐतिहासिक प्रदर्शन):अस्मिता डे (Asmita Dey): जूडो में भारत के इतिहास का पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल जीता।हर्ष सिंह (Harsh Singh): पुरुष वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन कर जूडो में भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया।
पैरा-एथलेटिक्स (Para Athletics):दिलीप गावित (Dilip Gavit): पुरुषों की पैरा-रेस में देश के लिए शानदार गोल्ड मेडल जीता।भारत ने पैरा गेम्स में अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 3 पैरा गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
साल 2030 के अगले कॉमनवेल्थ गेम्स कहाँ होंगे?
साल 2030 के 24वें राष्ट्रमंडल खेल (Centenary Games) भारत के अहमदाबाद (गुजरात) शहर में आयोजित किए जाएंगे। यह इन खेलों की 100वीं वर्षगांठ (1930-2030) होगी। ग्लास्गो 2026 के समापन समारोह में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने आधिकारिक तौर पर इसका फ्लैग रिसीव किया है
इस खेल में कौन-कौन से देश भाग लेते हैं?
कॉमनवेल्थ गेम्स में आमतौर पर 74 देश और क्षेत्र (Nations & Territories) भाग लेते हैं। इसमें संप्रभु देशों के अलावा कुछ ऐसे क्षेत्र भी शामिल हैं जो पूरी तरह स्वतंत्र देश नहीं हैं (जैसे यूनाइटेड किंगडम के चार हिस्से – इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड अलग-अलग टीमों के रूप में खेलते हैं)। मुख्य देशों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, कनाडा, भारत, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, जमैका, मलेशिया, नाइजीरिया, केन्या, श्रीलंका आदि शामिल हैं
ग्लास्गो 2026 में शामिल खेलों की सूची (List of Sports)
एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स (Athletics & Para Athletics) ,
स्विमिंग और पैरा स्विमिंग (Swimming & Para Swimming),
कलात्मक जिम्नास्टिक (Artistic Gymnastics),
ट्रैक साइकिलिंग और पैरा ट्रैक साइकिलिंग (Track Cycling & Para Cycling)
नेटबॉल (Netball)
भारोत्तोलन और पैरा पावरलिफ्टिंग (Weightlifting & Para Powerlifting)
बॉक्सिंग (Boxing)
जूडो (Judo)
बाउल्स और पैरा बाउल्स (Bowls & Para Bowls)
3×3 बास्केटबॉल और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल (3×3 Basketball & Wheelchair Basketball)
नोट: भारत के कोर मेडल दिलाने वाले खेल जैसे शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और क्रिकेट इस बार ग्लास्गो 2026 का हिस्सा नहीं थे)
अहमदाबाद 2030 खेलों की तैयारियां (Preparations for Amdavad 2030)
ग्लास्गो 2026 खेलों के समापन के बाद, भारत ने आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की जिम्मेदारी संभाल ली है। इस शताब्दी संस्करण (Centenary Edition – 100वीं वर्षगांठ) को ऐतिहासिक बनाने के लिए गुजरात और केंद्र सरकार बड़े स्तर पर तैयारियां कर रही हैं:
इंफ्रास्ट्रक्चर का महा-अभियान (Mega Infrastructure Project): अहमदाबाद शहर को एक वैश्विक स्पोर्ट्स सिटी में बदलने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। वर्तमान में सड़कों को चौड़ा करने, नए फ्लाइओवरों और पुलों के निर्माण के कारण पूरा शहर एक विशाल कंस्ट्रक्शन साइट बना हुआ है। स्थानीय लोग व मीडिया इसे मजाकिया लहजे में “कन्स्ट्रक्शनबाद” (Constructionabad) भी कह रहे हैं।
खेलों की संख्या में बढ़ोतरी (More Sports): ग्लास्गो 2026 में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के साथ मिलकर अहमदाबाद 2030 में कुल 17 खेलों को शामिल करने की योजना बनाई गई है
पारंपरिक खेलों की एंट्री: क्रिकेट और फील्ड हॉकी के साथ-साथ भारत के पारंपरिक खेलों (जैसे कबड्डी, खो-खो, मल्लखंभ और योग) को भी इस इवेंट में शामिल करने के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं।
Commonwealth Games: राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी कब-कब और किस देश को मिली? जानिए 1930 से 2026 तक का पूरा इतिहास
राष्ट्रमंडल खेल की शुरुआत 1930 में ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स’ के रूप में हुई थी। तब से हर चार साल में इन खेलों का आयोजन किया जाता है, हालांकि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 में प्रतियोगिता नहीं हो सकी। ऑस्ट्रेलिया सबसे अधिक पांच बार इन खेलों की मेजबानी कर चुका है, जबकि 2026 में स्कॉटलैंड का ग्लासगो चौथी बार मेजबान बनेगा। भारत ने अब तक एक बार, 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का सफल आयोजन किया था।
| वर्ष | मेजबान शहर | देश |
| 1930 | हैमिल्टन | कनाडा |
| 1934 | लंदन | इंग्लैंड |
| 1938 | सिडनी | ऑस्ट्रेलिया |
| 1950 | ऑकलैंड | न्यूजीलैंड |
| 1954 | वैंकूवर | कनाडा |
| 1958 | कार्डिफ | वेल्स |
| 1962 | पर्थ | ऑस्ट्रेलिया |
| 1966 | किंग्स्टन | जमैका |
| 1970 | एडिनबर्ग | स्कॉटलैंड |
| 1974 | क्राइस्टचर्च | न्यूजीलैंड |
| 1978 | एडमोंटन | कनाडा |
| 1982 | ब्रिस्बेन | ऑस्ट्रेलिया |
| 1986 | एडिनबर्ग | स्कॉटलैंड |
| 1990 | ऑकलैंड | न्यूजीलैंड |
| 1994 | विक्टोरिया | कनाडा |
| 1998 | कुआलालंपुर | मलेशिया |
| 2002 | मैनचेस्टर | इंग्लैंड |
| 2006 | मेलबर्न | ऑस्ट्रेलिया |
| 2010 | नई दिल्ली | भारत |
| 2014 | ग्लासगो | स्कॉटलैंड |
| 2018 | गोल्ड कोस्ट | ऑस्ट्रेलिया |
| 2022 | बर्मिंघम | इंग्लैंड |
| 2026 | ग्लासगो | स्कॉटलैंड |



